यदि आप SEO की जानकारी रखते हैं तब तो आपको On Page SEO kya hai जरुर से मालूम होगा. इस बात में कोई सक नहीं है की internet एक बहुत ही बड़ा noisy marketplace है. यहाँ करोड़ों websites और blogs मेह्जुद हैं, वहीँ प्रतिदिन हजारों की तादाद में blogs बन भी रहे हैं. ऐसे में खुद की website की एक अलग पहचान बना पाना सच में एक बहुत ही मुस्किल काम है. वहीँ अगर search engine के पहले page में rank न हो तब तो traffic की बहुत बड़ी समस्या हो जाती है on page seo in hindiWhat is SEO in hindiseo full formoptimize meaning in hindi

आप सोचते होंगे के अपने ब्लॉग की ट्रैफिक कैसे बढ़ाये. On Page SEO  kya hai ही वो एकमात्र हथियार होता है जिससे की आप अपने website को सही तरीके से rank कर सकते हैं, साथ में उसे internet में visible भी बना सकते हैं.

पिछले कुछ वर्षों से, ये on-page के “rules” बहुत हद तक बदल गए हैं क्यूंकि Google हमेशा अपने viewers को best results प्रदान करना चाहता है. अब तो एक standard search result page में ऐसे pages को show किया जाता है जिसमें की आपको शायद exact match query या keyword न भी मिले उनके title tag या meta description में.

SEO Full Form

“Search Engine Optimization”

अब हम बहुत से ranking algorithms से deal कर रहे हैं जिनमें Hummingbird, Panda, Rankbrain और semantic इत्यादि मुख्य हैं page में. अब Google अहिस्ता अहिस्ता smart बनता जा रहा है. ऐसे में आपके on-page strategies को भी improve करना होगा.

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ऐसे बहुत से लोग हैं जो की केवल अपने blog प्रारंभ तो कर लेते हैं लेकिन उन्हें SEO के विषय में कुछ भी पता नहीं होता है और साथ में उन्हें कैसे implement किया जाये.

आसान भाषा में कहा जाये तब SEO होता है Search Engine Optimization. ये उन techniques को कहा जाता है जिन्हें यदि कोई blogger अपने web pages में implement करे तब वो google में आसानी से अपने articles rank करा सकता है. और जितनी अच्छी आप rank करेंगे उतना ज्यादा traffic आपके blog में आने की संभावनाएं हैं.On Page Seo Kya hai

अब, SEO को हम दो separate categories में विभाजित कर सकते हैं ; On-Page SEO और Off-Page SEO.
On-Page SEO उन सभी चीजों को refer करता है जिसे की आप अपने Website में कर सकते हैं जिससे की उसे आसानी से search engines में rank किया जा सके, इसमें page titles, internal linking, meta tags और descriptions, इत्यादि मुख्य हैं.
Off-Page SEO उन सभी चीज़ों को refer किया जाता है जिसे की आप अपने website के बाहर कर सकते हैं और इससे ये आपको search engines में high rank करने में मदद करें. इसमें social networking, article submission, forum और blog marketing, इत्यादि मुख्य हैं.On Page Seo Kya hai

इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को On-Page SEO क्या होता है के विषय में पूरी जानकारी दी जाये और साथ में कैसे आप इन On page SEO techniques का इस्तमाल अपने blogs में सही रूप से कर सकते हैं. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

On-Page SEO kya hai (What is On Page SEO in Hindi)

On-page SEO (जिसे की on-site SEO भी कहा जाता है), ये उन multiple components को refer किया जाता है एक website में जिससे की उस website को सही तरीके से optimize किया जा सके.On Page Seo kya hai

इसमें जो लक्ष्य होता है वो ये की site के pages को कुछ ऐसे set किया जाये जिससे की वो search engines के top pages में दृश्यमान हो और ज्यादा traffic capture कर सके.

ऐसा करने के लिए आपको उसके content, architecture और HTML code को optimize करना होगा.

On-Page SEO का प्रत्येक factor आपके द्वारा ही control किया जाता है आपके website के interface में. इसलिए इसे सही तरीके से करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.

जहाँ On-page refer करता है दोनों content और HTML source code को एक page का, वहीँ Off-page SEO refer करता है links और दुसरे external signals को. जब दोनों SEO techniques को सही माईने में इस्तमाल किया जाये तब ये आपके pages को गूगल में higher rank कराने में जरुर मदद करेंगे.On Page Seo Kya hai

एक user किसी नयी website में करीब 8 secs तक ही रहता है, उस website के साथ interact करने के लिए. वहीँ जितनी ज्यादा interaction और engagement होगी, साथ में जितनी ज्यादा user आपके site में रहेंगे, उतनी ही बेहतर उनकी experience भी होगी.

अगर सही माईने में On Page SEO kya hai को implement किया जाये तब आपको जरुर से अपने blog की traffic में एक boost नज़र आएगा.

On Page SEO कैसे करे

On-page SEO में वो सभी on-site techniques शामिल होते हैं जिन्हें की आप implement कर सकते हैं अपने webpages में जिससे की वो SERP में ऊपर rank करें.

ये दोनों content और technical elements का इस्तमाल करता है page की quality को improve करने के लिए, इसलिए जितनी बढ़िया ढंग से आप on-page SEO करेंगे उतनी ज्यादा chances हैं की आपके website को ज्यादा relevant traffic आये.On Page Seo Kya hai

वैसे तो On Page SEO tutorial in Hindi के बहुत से अलग अलग technical aspects हैं जिन्हें की optimize किया जा सकता है, उसमें ये मुख्य हैं :

  • Title tags
  • Heading
  • URL Structure
  • Alt text for Images
  • Site Speed
  • Internal Links
  • Meta Description
  • Responsiveness

On Page SEO Techniques क्या है

चलिए अब कुछ On Page SEO के बेस्ट practices के विषय में जानते हैं. इन On Page SEO techniques in Hindi को हम अपने article में इस्तमाल कर सकते हैं, जिससे की आसानी से हम On Page SEO कर सकें.


Title Tags उन HTML elements को कहा जाता है जिसे की आप इस्तमाल करते हैं एक webpage का नाम देने के लिए और ये display होते हैं SERPS में clickable result title के रूप में.

प्रत्येक title tag unique, descriptive होनी चाहिए, साथ में ये उस page के विषय में जानकारी प्रदान करनी चाहिए की वो page किस विषय में है, इन्हें एक keyword के साथ optimize भी करना होता है और इनकी length 60 characters के भीतर होनी चाहिए.


Headings वो titles होते हैं जिन्हें की आप अपने content को देते हैं, और बेहतर परिणाम के लिए इन्हें H1 format में ही होनी चाहिए. Headings हमेशा relevant और descriptive शब्दों पर ज्यादा focussed होनी चाहिए, इसके साथ उन्हें ऐसे optimize करनी चाहिए keywords के साथ की, जिससे ये बिलकुल भी stuff जैसे प्रतीत न हो.

साथ में आप अपने content को छोटे छोटे हिस्सों में भी break कर सकते हैं, इसके लिए आप subheadings (H2 से लेकर H6) का इस्तमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान दें की keywords या phrases का ज्यादा repetition न करें post में.


URL Structure का महत्व बढ़ जाता है जब search engines ये determine करते हैं की एक page कितनी ज्यादा relevant होती हैं एक query की तुलना में, और ये थोड़ी बहुत descriptive जरुर होनी चाहिए page के subject के हिसाब से. आप चाहें तो URLs को भी optimize कर सकते हैं keywords के साथ, जब तक की वो relevant हों. उदाहरण के लिए एक बेहतर URL structure होगी https://technicalhariji.com/on-page-seo-kya-hai यदि हम इसकी तुलना इस Url से करें तब https://technicalhariji.com/12345


Alt text या फिर alternative text search engines को ज्यादा information प्रदान करता है एक image के विषय में, वैसे इसका ज्यादातर इस्तमाल images को describe करने के लिए होता है web visitors के लिए जो की उन्हें देख नहीं पाते हैं.

इसलिए, alt text बहुत ही specific और descriptive होनी चाहिए image content के लिए, ये 125 characters या उससे कम की होनी चाहिए, और इसे optimize करनी चाहिए keyword या phrase के द्वारा अगर वो appropriate हों केवल तब.


Page load speed बहुत ही महत्वपूर्ण होती है क्यूंकि slow-loading pages की ज्यादा high bounce rates होती है : एक survey से ये बात सामने आई है की 47 प्रतिसत लोग चाहते हैं की उनकी site 2 से 4 secs के भीतर खुल जाये, और करीब 40 प्रतिशत केवल 4 secs के बाद ही चले जाते हैं.

ऐसे में देखा गया है की search engines उन slow-loading pages को penalize करते हैं lower ranking से, इसलिए अपने blog की page speed को fast करने के प्रति जागरूक हो जाएँ.


Internal links ये visitors को बहुत ही ज्यादा मदद करते हैं site में आसानी से navigate करने के लिए, साथ ही ये search engines की भी मदद करते हैं आपके site को समझने के लिए और pages को index करने के लिए, जिससे की आप आसानी से higher rank प्राप्त कर सकते हैं. कम से कम आप इतना तो कर ही सकते हैं की, आपके site के प्रत्येक page को उसके category या subcategory page के साथ link back तो कर ही सकते हैं.


Meta descriptions ज्यादातर brief (छोटे) होते हैं लेकिन अलग अलग descriptions जो की title tags में expand करते हैं, ये page की content को summarize करते हैं और web users को कहते हैं की क्यूँ उन्हें आपके content को पढना चाहिए किसी दुसरे के जगह में. ये meta description दृश्यमान होता है title और URL के निचे, इसे 160 characters के भीतर ही शीमित रखना चाहिए.


Responsiveness एक design element होता है जो की ये ensure करता है की आपका page सही तरीके से किसी भी device में display करेंगा, जिसमें mobile devices और desktop भी शामिल हैं. यह आगे भी एक महत्वपूर्ण factor होने वाला है क्यूंकि धीरे धीरे पुरे विस्व के लोग mobile devices का इस्तमाल कर रहे हैं online search के लिए.


Keywords सबसे ज्यादा महत्व रखने वाला जो element हैं वो होता है keywords. ये उस आठे के तरह होता है जो की आपकी on-page SEO strategy को एक दुसरे के साथ बांधे हुए होता है, इन्हें सभी सभी technical elements के साथ मिलाया जा सकता है जिससे की सही viewer आपके पास सही समय में पहुँच सकें.

इन्हें ज्यादा effective बनाने के लिए, keywords को researched करना होगा और साथ में उन्हें carefully select भी करना होगा, इसके अलावा उन्हें content में बहुत ही natural ढंग से implement करना चाहिए जिससे की stuffing की समस्या उत्पन्न न हो.

On-Page SEO में Content का महत्व

जहाँ technical aspects तो महत्वपूर्ण होता ही है, वहीँ on-page SEO का एक बहुत ही crusial element होता है content क्यूंकि यही वो चीज़ है जो की आपके site को traffic लाता है.On Page Seo Kya hai

लेकिन अभी के समय में ऐसे तैसे content की कोई अहमियत नहीं है बल्कि अभी के web users हमेशा relevant, interesting, engaging,informative content की तलाश में ही रहते हैं जो की उनके जरूरतों को पूर्ण कर सके.

वैसे ये contents के रूप भी बहुत से प्रकार के हैं जैसे की

वहीँ एक जरुरी बात ये भी है की viewers उन contents को पसंद नहीं करते हैं जिसमें की login की जरुरत हो, या वो कोई copyrighted material हो इत्यादि.

On Page SEO और Off Page SEO में क्या अंतर है?

किसी भी SEO expert से आप पूछ लें तो आपको एक ही जवाब मिलेगा की अपने blog के success के लिए आपको दोनों on page SEO और off page SEO की जरुरत होती है. जब बात आपके blog की search engine rankings की हो तब ये दोनों ही चीज़ें बिलकुल ही अलग कार्य करती है.

तो चलिए जानते हैं की आखिर इन दोनों में क्या अंतर हैं. इसे समझने के लिए बिलकुल ही basic level में जाना होगा की कैसे search engine कार्य करती है.On Page Seo Kya hai

जब search engine किसी site को evaluate कर रही होती है तब वो मुख्य रूप से दो चीज़ों को ध्यान में रखती है web में.

1. On-page SEO इससे ये पता चलता है की आपकी site (या आपकी page) किस बारे में हैं
2. Off-page SEO इससे ये पता चलता है की आपकी site कितनी ज्यादा authoritative और popular है

आसान शब्दों में कहें तब, क्या आप rank करना चाहते हैं इसे जानने के लिए on-page factors का इस्तमाल किया जाता है, वहीँ कितनी ऊपर आप rank कर सकते हैं, इसके लिए आपको off-page factors का इस्तमाल करना होगा.

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Off-Page SEO उन set of factors को कहा जाता है जो की दुसरे websites में occur होते हैं और जो आपकी website की position को search engine results page (SERPs) में improve होने में मदद करते हैं.

Off page SEO के कुछ major factors हैं :

  • Links जो की दुसरे websites में होते हैं और जो आपके website को point करती है
  • आपके brand का जिक्र web के across
  • User behavior और engagement आपके website में
  • Social Media में Shares

Off-Page SEO में मुख्य रूप से आपकी website का promotion दुसरे website में वो भी बहुत से तरीकों से को ही माना जाता है. उदाहरण के लिए, link building और social media में promotion.

On Page SEO करना क्यों जरुरी होता है?

ज्यादातर लोगों के पास SEO की basic knowledge ही होती है जिसमें उन्हें on page SEO में केवल keywords को page में place करना ही आता है. इस बात में कोई दोराहें नहीं है की On Page Optimization के लिए keywords बहुत ही महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसके साथ उसे और भी बहुत ही चीज़ें होती है जो की जानना और implement करना बहुत ही जरुरी है.

जल्द ही आपको इसके विषय में मालूम पड़ेगा, on-page optimization में :

सभी on-page SEO factors को सही तरीके से समझना और उसे execute करना बहुत ही जरुरी है क्यूंकि इसी के द्वारा ही आप google में ऊपर rank कर सकते हैं.

On-Page SEO में एक User-Friendly Website का क्या महत्व है?

On-Page factors में दोनों front end (content) आपकी site की और साथ में backend (HTML code) शामिल हैं.

Google की algorithm track करती हैं आपके website की quality और user-friendliness को, वो भी इस तरह से की कैसे :

1. उनकी bot crawler interact करती हैं backend के साथ और
2. वहीँ कैसे असली इन्सान interact करते हैं front end के साथ

दुसरे on page factors पे जाने से पहले, चलिए जानते हैं की क्यूँ एक user friendly website उन्हें एक साथ बांध कर रखती है.

आप अपनी site में चीज़ों को control में रख सकते हैं लेकिन आप ये control नहीं कर सकते हैं की users आपके site में कितने समय तक रहेंगे. एक user-friendly website human engagement को प्रोत्साहित करती है.

अगर front end की content उतनी ज्यादा appealing, user-friendly और relevant न हो तब ज्यादातर लोग चले जायेंगे दूसरी websites में.On Page Seo Kya hai

इसलिए जब आप On-Page SEO perform करें, तब मन में ये चिंता करें की एक user-friendly experience का मतलब होता है की जब कोई आपके website के page में आता है तब :On Page Seo Kya hai

  • उन्हें ये Clearly समझ में आना चाहिए की आपका webpage किस विषय में है
  • ये page उनके search intent को पूर्ण करना चाहिय या उसके लिए relevant होना चाहिए (उनके search keywords)
  • उन्हें ये प्रतीत होना चाहिए की ये page बहुत ही useful है और इससे page की ranking भी बढ़ेगी.

On-Page SEO के Major Factors क्या है?

वैसे तो On-Page SEO के बहुत से factors हैं लेकिन चलिए हम कुछ specific factors के विषय में जानते हैं.
असल में इन factors को divide किया जा सकता है दो हिस्सों में पहला है front-end और दूसरा है backend factors.

Front-End Factors:

ये उन factors को कहा जाता है जो की visible होते हैं users को जो site को visit करने आते हैं. चलिए इनके विषय में और अधिक जानते हैं

  • Value — क्या आपका article users को value प्रदान करता है? इन चीज़ों में headline, topics, और images मुख्य हैं.
  • User Experience — क्या आपका site जल्द से load होता है? क्या ये navigate करने में आसान है? क्या इसे किसी भी device में आसानी से खोला जा सकता है?
  • Keywords और Content — क्या आपके keywords और content optimized हैं search के लिए? दुसरे शब्दों में, क्या आप ऐसे keywords और phrases का इस्तमाल करते हैं जिन्हें की असल में users search engine में ढूंड रहे हैं?

Backend Factors:

वहीँ backend में, Google आपके page की relevance के हिसाब से कुछ opinions बना रहा है, जिसमें कुछ चीज़ें शामिल है जैसे की :

  • Bot-friendliness — क्या आपका data organized है जिससे की Google की search engine bots उन्हें आसानी से scroll कर पा रहे हों और ये जान पा रहे हों की आखिर वो किस विषय के लिए हैं?
  • Metadata — क्या आपके HTML codes में आपके page को लेकर कोई information मेह्जुद हैं? जैसे की meta descriptions, URLs, और title tags इत्यादि.
  • Mobile-friendliness — क्या आपका site सही तरीके से optimized है mobile में देखने के लिए? क्या आपकी site design responsive है?

दोनों front end और backend किसी website का matter करता है जब बात SEO की आये तब.

On Page SEO या Off Page SEO : कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है?

ऐसा कहना बिलकुल भी सही नहीं है की On Page SEO बेहतर हैं या Off Page SEO, ये तो फिर ऐसी बात हो गयी की घर का foundation ज्यादा महत्वपूर्ण है या छत. On-Page और Off-Page SEO दोनों मिलकर कार्य करते हैं और इससे की search engine rankings को improve किया जा सकता है.

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जैसे किसी घर के लिए सभी चीज़ों का अलग ही महत्व है ठीक वैसे ही foundation के साथ साथ छत की भी महत्व है. केवल घर बनाना ही सबकुछ नहीं होता है बल्कि उसकी समय समय पर maintenance करना भी उतना ही जरुरी होता है.

Blog को Search Engine में रैंक करने के 11 On Page SEO Technics

#1 Post Title

On-Page SEO मे पोस्ट टाइटल का सबसे इंपॉर्टेंट रोल होता है. पोस्ट टाइटल मे कीवर्ड का सही इस्तेमाल कर के हम अपने पोस्ट को सर्च इंजन के लए पर्फेक्ट्ली ऑप्टिमाइज़ करते हैं. On-Page SEO के अंतर्गत पोस्ट टाइटल बहुत ही इंपॉर्टेंट फैक्टर है.

SERP Result

इस स्क्रीनशॉट मे आप आसानी से समझ सकते हैं की हमारा आउटपुट किस तरह दिखाई देगा जब हम Post title, Permalink और Meta description को perfectly SEO optimized कर लेंगे.

पोस्ट टाइटल कैसे लिखें और इसमे कीवर्ड्स का इस्तेमाल किस तरह करें की हमारा पोस्ट टाइटल सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़्ड हो जाए. इसके लिए मैं आपको कुछ टिप्स दे रहा हू जिससे आप कीवर्ड को अपने टाइटल मे पर्फेक्ट्ली लिख सकते हो.

(a) Keyword Placement:  Targeting Keyword ( यानी पोस्ट से रिलेटेड कीवर्ड, जिस कीवर्ड से आप अपने पोस्ट को रैंक कराना चाहते हैं) को अपने पोस्ट टाइटल के शुरू मे रखें. “Post Title” की शुरुआत कीवर्ड से ही करने की कोशिश करे.

मैं मानता हू की हर पोस्ट का टाइटल हम कीवर्ड से शुरू नही कर सकते हैं, कभी कभी फिट भी नही होता. लेकिन ट्राइ करे की टारगेटेड कीवर्ड पोस्ट टाइटल के लास्ट मे ना हो.

On-Page SEO Kya Hai Blog Ko First Page Par Kaise Rank Karaye  Perfectly Optimized

Kaise Blog Ko On-Page SEO Kar Ke se First Page Par Rank karaye  50% Good

Kaise Blog Ko First Page Par Rank Karaye On-Page SEO Se  Bad Placement

(b) Use Effective Words: पोस्ट टाइटल को और भी SEO friendly बनाने के लिए इन वर्ड्स का इस्तेमाल करे. जैसे Effective, Most, Important, Best, Top, Strategies, Surprising, Essential, Ultimte guide, Beginners guide, Complete guide इन वर्ड्स के इस्तेमाल से टाइटल और अट्रैक्टिव बना सकते हैं.On Page Seo Kya hai

(c) Use Of Numerics: टाइटल मे नंबर्स add करे इससे लोगों को attract करना आसान होता है. वो जल्दी ऐसे पोस्ट को read करते हैं.

example:

  • 10 effective methods
  • 5 Best Plugins
  • 10 Mistakes We should avoid etc.

(d) Avoid Repetition of keyword: पोस्ट के टाइटल मे कीवर्ड सिर्फ़ एक ही बार प्रयोग करे. इसे एक से ज़्यादा बार बिल्कुल ना डाले. कीवर्ड repetition नेगेटिव SEO के represent करता है.

example: सपोज़ इस पोस्ट मे हमारा कीवर्ड “On-page SEO” है. तो चलिए देखते हैं इसका टाइटल हम कैसे लिख सकते हैं.

“On-Page SEO kya hai Aur On-Page SEO Kaise karte hain” ये Wrong Method है Title में कीवर्ड इस्तेमाल करने का. (इसमें कीवर्ड है “On-Page SEO” जो 2 बार इस्तेमाल किया गया है.)

“On-Page SEO Kya hai Aur Isse Blog Ko Optimize Kaise Karte Hain” Correct Method.

(e) Optimal Title Length: टाइटल की लेंथ इस तरह लिखे की वो सर्च रिज़ल्ट मे पूरा आए और अगर ज़्यादा long Title होगी तो वो पूरी दिखाई नही देगी. बहुत छोटा टाइटल भी SEO के acceptable नही होती.

#2 Perfect SEO Permalink

Title की ही तरह पोस्ट के लिए Permalink भी On-Page SEO के लिए इम्पोर्टेन्ट होता है. Permalink मे भी हमे फोकस कीवर्ड add करना ज़रूरी होता है. इसके अलावा मैं आपको कुछ टिप्स बता रहा हू उसे ज़रूर फॉलो करे.

(a) Short URL:  पर्मालिंक को हमे छोटा रखना चाहिए. और इसके साथ साथ ही इसमें अपना फोकस कीवर्ड या main कीवर्ड जरूर डालना चाहिए.

पर्मालिंक को हमे छोटा रखना चाहिए और इसके साथ ही इसमे अपना फोकस कीवर्ड या मैं कीवर्ड ज़रूर डालना चाहिए.

https://technicalhariji.com/on-page-seo-kya-hai    Positive SEO
https://technicalhariji.com/on-page-seo-kya-hai-aur isse blog ko rank kaise kare……. Negative SEO

(b) Delete Useless Permalink: Useless URL को delete कर के manually SEO friendly URL को enter करे.

technicalhariji.com/?p=101    Negative SEO
technicalhariji.com/on-page-seo-kya-hai     Positive SEO

Actually जब हम टाइटल एक्सट्रा length की लिखते हैं तो permalink automatically “technicalhariji.com/?p=101” इस तरह का बन जाता है. सो कभी भी पेरमालिंक इस तरह का ना इस्तेमाल करे. इसे खुद ही चेंज कर ले, जैसा यहाँ मैं आपको बता रहा हू उसी तरीके से प्रोसेस को फॉलो करे.On Page Seo Kya hai

(c) Never Use Stop Words: “a”, “the”, “on”, “and” इस तरह के words को stop word बोला जाता है. Permalink में इन वर्ड्स को कभी भी इस्तेमाल न करे तो ये SEO के लिए बेहतर है.

#3  Meta Description

कहते हैं ना फर्स्ट इंप्रेशन इस थे लास्ट इंप्रेशन. यही काम हमारा Meta Description भी करता है. सर्च इंजन की नज़र मे Title और Permalink के बाद जो important factor है वो Meta Description है.

Meta Description अच्छे से इस्तेमाल करना ज़रूरी है क्यूंकि इससे भी हम अपने पेज को आसानी से रैंक करा सकते हैं. हमे एसईओ ऑप्टिमाइज़्ड Meta Description लिखना चाहिए जो हमारे रीडर्स को convince कर ले की जो इन्फर्मेशन वो सर्च कर रहे हैं इस पोस्ट मे वो उपलब्ध है.

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गूगल के अनुसार कुछ महीने पीछे तक 320 वर्ड्स long description allowed था. लेकिन अभी description की length 150-170 वर्ड्स के बीच ही होना चाहिए. अपनी पोस्ट की description मे कीवर्ड का इस्तेमाल ज़रूर करे.

#4 Keywords Density Inside Content

हमे अपने कंटेंट के पहले पैराग्राफ मे ज़्यादा density मे कीवर्ड्स इस्तेमाल करने चाहिए. कंटेंट के शुरूआती 100-150 वर्ड्स के अंदर मे कीवर्ड्स को अच्छी density मे ज़रूर include करे.

कीवर्ड रिसर्च इसीलिए किया जाता है की हमे सर्च एंजिन से अच्छी organic traffic मिल सके. इसके साथ ही कीवर्ड्स का selection CPC को ध्यान मे रख कर ही किया जाता है. कीवर्ड को कंटेंट के अंदर properly इस्तेमाल करने से सर्च इंजन को पता चलता है की कंटेंट किस बारे मे लिखा गया है. और इस तरीके से सर्च इंजन मे हमारी पोस्ट वाले SEO ऑप्टिमाइज़्ड हो जाती है.कीवर्ड रिसर्च इसीलिए किया जाता है की हमे सर्च एंजिन से अच्छी organic traffic मिल सके. इसके साथ ही कीवर्ड्स का selection CPC को ध्यान मे रख कर ही किया जाता है. कीवर्ड को कंटेंट के अंदर properly इस्तेमाल करने से सर्च इंजन को पता चलता है की कंटेंट किस बारे मे लिखा गया है. और इस तरीके से सर्च इंजन मे हमारी पोस्ट वाले SEO ऑप्टिमाइज़्ड हो जाती है.On Page Seo Kya hai

पोस्ट के अंदर कीवर्ड की density maximum 2.5% होनी चाहिए.

#5 Proper Use of Heading and Sub-heading With Keywords.

On-Page Seo का इस्तेमाल कर के बेहतर रिजल्ट पाने के लिए हम Headings का इस्तेमाल का करते हैं. H2,H3,H4 heading के proper इस्तेमाल कर के हम अपनी SEO को स्ट्रॉंग करते हैं. Headings का repeatation बार बार ना करे.

कभी भी H1 heading का इस्तेमाल अपने पोस्ट के अंदर ना करे. क्यूंकि already हमारे पोस्ट का Title H1 heading मे ही होता है.

Heading मे अपना फोकस कीवर्ड भी डालें ये हमारे On Page SEO के लए बहुत effective होता है. लेकिन ये ध्यान रखे की 50% से कम headings मे ही फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल करे.On Page Seo Kya hai

Note: आपको ये भी ध्यान मे रखना है की लिमिट से ज़्यादा कीवर्ड्स को Heading में इस्तेमाल न करें.

#6 Image Optimization

इमेजेज को हम अपने विज़िटर्स को attract करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. इमेज मे हम अपने पोस्ट के टॉपिक बिना लिखे ही डिस्क्राइब कर सकते हैं. विज़िटर्स perfectly ऑप्टिमाइज़्ड इमेज से समझ जाते हैं की उन्हे जो इन्फर्मेशन चाहिए वो यहाँ उन्हे मिल जाएगी.

ध्यान रखने वाली बात ये है की हम इमेज को डिज़ाइन करते वक़्त कुछ फैक्टर्स को भी फॉलो करना ज़रूरी होता है. इन factors के इस्तेमाल से हम हमारा इमेज 100% एसईओ ऑप्टिमाइज़्ड और और यूज़र फ्रेंड्ली बना सकते हैं. एसईओ फ्रेंड्ली इमेज हमारे On-page SEO को बहुत स्ट्रॉंग बनाती है.On Page Seo Kya hai

(a) Image Title : पोस्ट के अंदर इस्तेमाल होने वाले इमेज का टाइटल मे कीवर्ड का इस्तेमाल करे. इससे ये फायदा है की सर्च इंजन हमारे इमेज के टाइटल से कीवर्ड को पहचान लेता है और हमारे पोस्ट को रैंक करने मे मदद मिलती है.

इमेज के टाइटल मे unknown titles को ना इस्तेमाल करे बल्कि उन्हे remove कर दे.

abcdef.jpg       Negative SEO
on-page-seo-kya-hai.jpg      Positive SEO

(b) ALT Tag : इमेज टाइटल के साथ साथ alt tag लिखना भी हमारे पोस्ट को SEO फ्रेंड्ली बनाता है. मोस्ट इंपॉर्टेंट इसमे अपना फोकस कीवर्ड ज़रूर add करे.

(c) Image Size : इमेज साइज़ हमारे On-Page SEO के लिए इंपॉर्टेंट factor साबित होता है. हम अपने पोस्ट मे हमेशा इमेज का इस्तेमाल करते ही हैं. इमेज की साइज़ कम से कम होनी चाहिए. इससे ब्लॉग के पेज को लोड होने मे ज़्यादा टाइम नही लगेगा.On Page Seo Kya hai

(d) Featured Image : अपने रीडर्स को यूज़र फ्रेंड्ली एक्सपीरियन्स देने के लए अपने पोस्ट मे फीचर्ड इमेज बनाकर डालें. Thumbnail के रूप मे जिस इमेज को हम इस्तेमाल करते हैं उसे ही फीचर्ड इमेज कहते हैं.

#7 Use Outbound and Internal Links

अपने पोस्ट को और एसईओ फ्रेंड्ली ऑप्टिमाइज़ करने के लिए External और Internal लिंक्स का ज़रूरत के अनुसार इस्तेमाल करे . जब हम अपने पोस्ट मे किसी दूसरे वेबसाइट का लिंक add करते हैं तो वो External लिंक और खुद के ब्लॉग पोस्ट का लिंक add करते हैं उसे Internal लिंक्स बोलते हैं.

जब हम किसी दूसरे ब्लॉग या वेबसाइट का लिंक अपनी पोस्ट मे add करते हैं तो इस तरह से हम उन्हे एक बैकलिंक देते हैं. जो उनके SEO के लिए बहुत हेल्पफुल साबित होती है. साथ ही हमारी खुद की भी SEO स्ट्रॉंग होती है.

(a) Internal Links :  User engagement बढ़ाने के लिए हम internal linking का इस्तेमाल करते हैं. internal linking से हम यूज़र को ये शो करा देते हैं की आप अगर एक फल आम की तलाश मे यहाँ आए हो तो आपको सारे फ्रूट्स fruits apple,banana, orange, etc. यहीं पर मिल जाएँगे. इससे हम अपनी कंटेंट की क्वालिटी का पूरा इस्तेमाल कर के landing page से यूज़र को बाकी दूसरे pages मे भी engage कर सकते हैं.On Page Seo Kya hai

मान लीजिए मेरे एक पोस्ट मे traffic बहुत ज़्यादा है बाकी पोस्ट की तुलना मे तो उस पोस्ट से हम दूसरे पोस्ट का लिंक add कर के ट्रॅफिक पा सकते हैं.लेकिन याद रहे रिलेटेड पोस्ट को इंटर्नल लिंक्स के रूप मे add करे.

(b) External Linking :

#8 Long Content Post

जब हम अपनी पोस्ट मे किसी दूसरी वेबसाइट को जोड़ते हैं तो इसे xternal linking बोलते हैं. मान लीजिये की हमारी पोस्ट मे हम Youtube की किसी फीचर के बारे मे लिख रहे हैं और उसकी कुछ इन्फर्मेशन के लिए youtube हेल्प फोरम मे इन्फर्मेशन दी हुई है तो उसका लिंक हम अपने पोस्ट मे add कर सकते हैं. और ये एसईओ फ्रेंड्ली है इससे कोई प्राब्लम नही है. बल्कि इससे हमारी सर्च इंजन की रैंकिंग बढ़ती है.

गूगल सर्च रिज़ल्ट मे फर्स्ट पेज मे रैंक करने के लिए जितना लम्बा हो सके उतना लम्बा पोस्ट लिखें. आजकल तो बहुत से ऐसे भी ब्लॉगर हैं जिनकी पोस्ट 2000 वर्ड्स की होती हैं और साथ में उनकी कंटेंट क्वालिटी भी अच्छी होती है. तो अब आप समझ सकते हैं अगर आपको गूगल के फर्स्ट पेज पर अच्छी रैंक पाना चाहते हैं तो आपको हर पोस्ट को 2000 वर्ड्स से अधिक का लिखना होगा साथ ही कंटेंट क्वालिटी भी बेहतरीन रखनी होगी.On Page Seo Kya hai

लेकिन अगर आप उतना नही लिख सकते तो ट्राइ करे की कम से कम 1000 वर्ड्स ज़रूर हो. इससे कम होने से फर्स्ट पेज मे आने के चान्स बिल्कुल कम होंगे.

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साथ ही कंटेंट की लम्बाई जितनी ज़्यादा होगी कीवर्ड्स की density आप उतनी अधिक रख सकते हैं. Density तो 2.5 % से कम ही रखना है लेकिन आपके keyword अधिक बार इस्तेमाल होंगे. इससे गूगल को टॉपिक समझने मे उतनी ही आसानी होगी ये किस बारे मे है. इस तरह सर्च रिज़ल्ट मे higher रैंकिंग मिलने का चांस अधिक रहेगा.

गूगल चाहता है की जो भी रीडर आए उसको उस ब्लॉग से जानकारी मिले जिसने उस टॉपिक के बारे मे सबसे बढ़िया लिखा है. और अपने पोस्ट में में सबसे बढ़िया तरीके से कंप्लीट इन्फर्मेशन दी है.

#9 Page Loading Speed

गूगल किसी ब्लॉग पोस्ट को अपने सर्च रिज़ल्ट मे रैंक देने से पहले हर तरह से चेक करता है. पेज की स्पीड भी बहुत इंपॉर्टेंट फैक्टर है एसईओ फ्रेंड्ली ब्लॉग के लिए . साथ ही On-Page SEO के अंडर ये बहुत इंपॉर्टेंट फैक्टर है.

पेज की लोडिंग स्पीड अच्छी होती है तो google bots पोस्ट को जल्दी इंडेक्स करते हैं. अच्छी लोडिंग स्पीड बेहतर यूज़र एक्सपीरियंस के लिए इंपॉर्टेंट होता है. Slow loading होने वाले ब्लॉग पोस्ट को गूगल सर्च रिज़ल्ट्स मे अच्छी रैंक नही देता.

आप स्पीड increase करने वाले plugins का इस्तेमाल कर सकते हैं.On Page Seo Kya hai

होमपेज पर कम से कम कंटेंट्स का इस्तेमाल करें जैसे widgets, posts, links और images. Images की size ऑप्टिमाइज़्ड कर के रखे जिससे इमेज की साइज़ कम हो और फास्ट लोडिंग हो.

ब्लॉग की टेंपलेट या थीम कम से कम कोड्स का इस्तेमाल कर के लिखी गई हो और साथ ही responsive हो और फास्ट लोडिंग होती हो. रिसर्च मे पाया गया है की जिस ब्लॉग या वेबसाइट की लोडिंग टाइम 3-4 सेकेंड से ज्यादा होता है है उसे विज़िटर्स तुरंत बंद कर देते हैं और दूसरी साइट पर चले जाते हैं.On Page Seo Kya hai

तो अगर आपकी ब्लॉग की स्पीड कम है तो ये एक serious बात है. इसे जल्दी solve करे.

#10 Use Social Sharing Buttons

अगर हमारी content की क्वालिटी अच्छी है तो फिर इसे social sharing buttons के ज़रिए भी हमारे रीडर्स हर जगह शेयर करेंगे. शेरिंग का ऑप्शन ना रहने से चाहते हुए भी उसे कोई शेयर नही करेगा. सोशल शेयरिंग का इस्तेमाल कर के हम अपने पेज व्यूज बढ़ा सकते हैं. सोशल साइट से आने वाले विजिटर जब हमारे पेज पर टाइम बिताते हैं तो गूगल को एक तरह से पॉजिटिव सिग्नल मिलता है.

वर्डप्रेस यूजर बहुत ही आसानी से सोशल शेयरिंग plugins को इनस्टॉल कर के इस तरह के शेयरिंग buttons enable कर सकते हैं.

#11 Use of related informative Video

आजकल लोग text content के साथ साथ media contents से ज़्यादा attract होते हैं. तो हमे चाहिए की text content मे SEO Optimized images aur videos भी add करे. अगर आप गूगल analytics का इस्तेमाल करते हैं तो आपको मालूम होगा Bounce rate और Time On Page के बारे मे.

(a) Bounce rate : जब कोई विज़िटर हमारे ब्लॉग के landing page पर आकर बिना किसी दूसरे पेज पर गए वापस चला जाता है तो इसे Bounce rate बोलते हैं.

(b) Time On Page : कोई विज़िटर हमारी ब्लॉग पर जितना देर रुकता है उसे Time on page बोलते हैं.

वीडियो कॉंटेंट add करने से हम रीडर्स को कुछ देर अपने पेज पर रोक सकते हैं इससे bounce rate घट जाता है और साथ ही Time on page पेज बढ़ता है. जो की हमारी सर्च रॅंकिंग को increase करता है.

जो भी वीडियो अपने पोस्ट मे add करे वो उसी टॉपिक का वीडियो रूपांतरण होना चाहिए. जिससे यूज़र को और बेहतर एक्सपीरियेन्स हो और वो पोस्ट मे टाइम ज़्यादा spend करे.On Page Seo Kya hai

गूगले हर छोटी से छोटी बातों को भी notice करता है और उन्हें अहमियत देता है. इसीलिए एसईओ फ्रेंड्ली पोस्ट लिखना बहुत ज़रूरी है साथ ही विज़िटर्स जितनी देर पेज पर रुकेंगे ranking उतनी अच्छी मिलेगी.

Conclusion

On Page Seo Kya hai ये कैसे काम करता है के बारे में मैने संपूरड़ जानकारी आपको दे दी है उम्मीद करता हु आपको पोस्ट अच्छे से समझ आ गयी होगी और काफी कुछ सिखने को भी मिला होगा और इस पोस्ट के माध्यम से आप अपने वेबसाइट को गूगल के फर्स्ट पेज पर ले सकते है तो अगर इस पोस्ट से आपको हेल्प हुआ है तो क्यों न इस पोस्ट के माध्यम से आप अपने दोस्त का भी हेल्प करे तो अभी आप इसे शेयर करे. What is SEO in hindi, seo full form, optimize meaning in hindi

मेने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बता दिया है और उम्मीद करते है की आपको पोस्ट पसंद आयी होगी में ये भी उम्मीद करता हु की आप हमारी सभी पोस्ट को भी पढ़ते होंगे तो अगर आपको हमारे सभी पोस्ट अच्छी लगे है तो आप हमे Comment कर बता सकते है ताकि हम अपने Writing Skill में और Improvement कर सके On Page Seo Kya hai

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