हेलो दोस्तों TechnicalHariJi में आपका एक बार फिर से स्वागत है दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है Floppy Disk kya hai in Hindi के बारे में और इससे पहली पोस्ट में हमने बात की थी Google Chrome kya hai के बारे में और उम्मीद करते है अपने पहली वाली पोस्ट को जरूर पढ़ा होगा और समझा होगा क्यूंकि उसमे Google Chrome से रिलेटेड सभी जानकारी आपको दी गयी थी और उम्मीद करते है आपको अच्छे से समझ भी आई होगी.

और इस पोस्ट में हम आपको Floppy Disk kya hai से संभंधित सभी जानकारी देंगे और आपको बतायंगे की Floppy Disk kitne prakar ki hoti hai और अगर आप जानना चाहते है की Floppy Disk kaise kam karti hai तो आप बिलकुल सही जगह पर है हम यहां आपको बतायंगे की Floppy Disk kya hai तो बस आप इस पोस्ट को शरू से एन्ड तक पढ़ते रहिये

क्या आप जानते हैं की Floppy Disk kya hai? एक समय था जब floppy disk drive (FDD) ही primary means था computer में data add करने के लिए केवल तब तक ही जब तक की CD-ROM drive ज्यादा popular नहीं बन गया. यूँ कहे तो ये FDD बहुत ही key component होते थे personal computers के लिए वो भी करीब 20 वर्षों के लिए. एक floppy disk ऐसा storage medium था जिसमें की एक thin और flexible magnetic disk होती थी एक plastic carrier के भीतर. इसे सन 1970s में बहुत ज्यादा इस्तमाल किया जाता था, वहीँ early 2000 तक इसे दुसरे storage devices जिनकी ज्यादा capacity होती है, उन्होंने इसे धीरे धीरे replace कर दिया.

ये floppy disk एक प्रकार के magnetic storage medium होते हैं computer systems के. वहीँ इन floppy disk में data को read और write करने के लिए आपके computer system में एक floppy disk drive (FDD) जरुर से होना चाहिए. पहले के समय में floppy disks का इस्तमाल computer के operating system को store किया जाता था. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को फ्लॉपी डिस्क की परिभाषा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये. Floppy Disk kya hai जिससे आप लोगों को इस पुराने Storing device के विषय में कुछ जानने को मिले. इसलिए बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की फ्लॉपी डिस्क इन हिंदी.

Floppy Disk kya hai

Floppy Disk एक तरह की डाटा स्टोरेज डिवाइस है. इसे सबसे पहली बार सन 1969 में create किया गया, उसी वर्ष जिस वर्ष Internet की शुरुवात करी गयी. यह Secondary या External Memory का भाग है. यह मैग्नेटिक डिस्क बहुत पतली तथा लचीली होती है इसलिए इन्हें फ्लोपी डिस्क या डिस्केट कहते है. यह मेलर नाम की प्लास्टिक की शीट की बनी होती है और इसके दोनों और मैग्नेटिक सामग्री चिपकी होती है.Floppy Disk kya hai

मैग्नेटिक डिस्क को अन्य प्लास्टिक जैकेट में बंद किया जाता है तथा मैग्नेटिक डिस्क के एक छोटे से भाग को खुला रखा जाता है. Computer में उपयोग होने वाली फ्लोपी डिस्क आकार में 5.25 इंच (जिसे मिनी फ्लोपी भी कहते है) अथवा 3.5 इंच (जिसे माइक्रो फ्लोपी भी कहते है) की होती है.

फ्लोपी डिस्क बहुत ही कम मात्रा में डाटा को स्टोर कर सकती है. पहले Computer में इसका अधिक यूज़ होता था लेकिन CD के आने के बाद से इसका अस्तित्व ही खत्म हो गया क्योंकि उसमे स्टोरेज क्षमता अधिक थी. फ्लोपी डिस्क में सारा डाटा एक गोलाकार चुम्बकीय प्लेट में स्टोर होता है और वहीं से सारी डाटा को रीड किया जाता है.

Floppy Disk ki Defination

आईये जानते है इसके कुछ technical terms के बारे में :-

1)  Tracks

डिस्क के क्षेत्र को कई गोलों में बांटा जाता है और इन्हें नंबर दिए जाते है. यह गोले ट्रैक कहलाते है. सबसे बाहरी गोले का नंबर 0 तथा यह अंदर की और बढ़ता जाता है. यह ट्रैक सिर्फ लॉजिकल क्षेत्र है, भौतिक नहीं.

2)  TPI (Tracks Per Inch)

यह प्रति इंच पर ट्रैक की संख्या है जो डाटा का घनत्व दर्शाती है. जितना बड़ा TPI होगा उतना ही अधिक डाटा रख पायेगा.

3)  Sectors

यह डिस्क पर सबसे छोटा स्टोरेज यूनिट है. एक ट्रैक के कई सेक्टर होते है. हर एक सेक्टर को नंबर दिया जाता है. पहले सेक्टर को पहचानने के लिए इंडेक्स छिद्र होता है. सेक्टर को दो तरह से नंबर दिए जाते है –

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  • Soft Sectoring : इसमें Software द्वारा सेक्टर बनाये जाते है. इन डिस्क को सॉफ्ट-सेक्टर डिस्क कहते है. यह अधिक विश्वसनीय होते है.
  • Hard Sectoring : इसमें अपनी पहचान के लिए एक छिद्र होता है. ऐसी डिस्क को हार्ड-सेक्टर डिस्क कहते है.

4)  Clusters

यह डिस्क का सबसे छोटा यूनिट है जिसे फाइल को दिया जा सकता है. इसमें एक या अधिक एक साथ वाले सेक्टर होते है. यह एक विशिष्ट फाइल हेतु सेक्टर्स का ग्रुप है तथा सेक्टर्स डिस्क के प्रकार पर निर्भर करते है.

5)  FAT (File Allocation Table)

यह टेबल ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा प्रबंधित की जाती है जिसमे सभी उपलब्ध क्लस्टरों की जानकारी होती है. FAT में प्रत्येक क्लस्टर के स्थान और प्रयोग में है Floppy Disk kya hai या नहीं, खराब है या नहीं, की जानकारी होती है. FAT के बिना डिस्क प्रयोग नहीं की जा सकती है. Computer भी इसे एक्सेस नहीं कर सकता है क्योंकि इसमें फाइल के एड्रेस होते है.

Floppy Disk Drive के Major Parts क्या हैं?

चलिए इस Disk Drive के महत्वपूर्ण parts के विषय में जानते हैं.

Read/Write Heads

ये Located होते हैं एक diskette के दोनों ही हिस्सों में, ये एक साथ ही move करते हैं same assembly में. इनके heads directly opposite नहीं होते हैं एक दुसरे केम जिससे एक फायेदा ये होता है की प्रत्येक media surfaces में write operation को एक साथ होने से ये रक्षा करता है. इसमें समान head का इस्तमाल reading और writing के लिए होता है, वहीँ एक दूसरा wider head का इस्तमाल track को erase करने के लिए होता है. Floppy Disk kya hai इससे ये allow करता है data को एक wider “clean slate” में लिखने के लिए, बिना कोई interfering के analog data का adjacent track के साथ.

Drive Motor

एक बहुत ही छोटी सी spindle motor engage करता है metal hub को diskette के center में, जो की इसे spinning कराता है 300 या 360 rotations per minute (RPM) में.

Stepper Motor

ये motor एक precise number की stepped revolutions का आकलन करता है, जिससे read/write head assembly, proper track position में move कर सकें. ये read/write head assembly को fastened (बांधा) जाता है stepper motor shaft के साथ.

Mechanical Frame

यह एक ऐसा system होता है levers का जो की open करता है little protective window को diskette में, जो की allow करता है read/write heads को dual-sided diskette media से touch करने में. एक external button allow करता है diskette को eject होने के लिए, ऐसे point में जहाँ की spring-loaded protective window, diskette में close होती है.

Circuit Board

ये Contain करती है सभी electronics को जिसका इस्तमाल data को read या write करने में use होता है Diskette में, साथ में ये चीज़ों को handle भी करता है. इसके साथ ये stepper-motor control circuits को control भी करता है, जिसका इस्तमाल read/write heads को each track में move करने के लिए होता है.

Floppy के अलग अलग हिस्से क्या हैं?

1)  Square Plastic Jacket :- फ्लोपी को वातावरण के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए.

2)  Hub Ring :- डिस्क के मध्य में छिद्र जिससे डिस्क अंदर जाने पर मैटल का स्पिंडल रिंग पकड़े रखता है.

3)  Index Hole :- बाकी छोटा छिद्र जो सेक्टर की संख्या रखता है. सॉफ्ट सेक्टर डिस्क में केवल एक इंडेक्स छिद्र होता है लेकिन हार्ड सेक्टर में प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग छिद्र होता है.

4)  Read/Write Window :- इससे हैड की सहायता से पढने और लिखने का कार्य होता है.

5)  Write Protect Notch :- जब यह टैब बंद हो तो स्टोर की गई जानकारी सुरक्षित होती है, कोई भी इसे हटा या बदल नहीं सकता.

6)  Stress Relief Notch :- जब ड्राइव में डिस्क इन्सर्ट की जाती है तो वे फ्लोपी तथा डिस्क ड्राइव प्लेन के एलाइनमेंट हेतु अपने उपयुक्त भाग में फिक्स हो जाते है तथा एलाइनमेंट से संबधित परेशानियों को कम करते है.

Floppy Disk ke Types in Hindi

चलिए Floppy के अलग अलग types के विषय में जानते हैं

1)  8 इंच फ्लोपी

पहली फ्लोपी डिस्क IBM द्वारा 1960 के आखिरी में डिजाईन की गई थी तथा फिर 1970 में पहले Read-Only फोर्मेट की तरह तथा Read-Write फोर्मेट की तरह उपयोग की गई थी. Floppy Disk kya hai विशिष्ट Desktop/Laptop ,Computer 8 इंच फ्लोपी डिस्क का उपयोग नहीं करते है. इसकी शुरूआती क्षमता 100K Bytes (100000 कैरेक्टर्स) थी.

2)  5.25 इंच Floppy (Mini Floppy)

इस फ्लोपी में मैग्नेटिक सर्फेस एक पतली विनायेल जैसकेट से ढकी जाती है. इसे common size की PCs के लिए बनाया गया था सन 1987 से पहले और इसे 8-inch floppy disk का predecessor भी कहा जाता है.

5.25 फ्लोपी की स्टोरेज क्षमता Storage Capacity Of Floppy:

यह सिंगल साइड या डबल साइड दोनों हो सकती है. यह घनत्व रिकॉर्ड रखती है. यह दो प्रकार की होती है –

  • DSDD (Double Sided Double Density) – 360 KB
  • DSHD (Double Sided High Density) – 1.2 MB

5.25 फ्लोपी की स्टोरेज क्षमता Storage Capacity Of Floppy:

  • DSDD (Double Sided Double Density) – 720 KB
  • DSHD (Double Sided High Density) – 1.44 MB
  • DSED (Double Sided Extra High Density) – 2.88 MB

3)  3½-inch Floppy

इस Floppy की size बहुत ही छोटी होती है, क्यूंकि इन्हें आसानी से एक rigid envelope में encashed भी किया जा सकता है. इसके छोटे size के वाबजूद, microfloppies की बहुत Floppy Disk kya hai ज्यादा storage capacity होती है, पहले प्रकार के मुकाबले — 400K से 1.4MB की data. इसमें most common sizes की PCs थे 720K (double-density) और 1.44MB (high-density). Macintoshes support करता था disks जिनका size होती थी 400K, 800K, और 1.2MB.

Floppy Disk Storage Capacity

File Transfer करना: ये 3.5-inch floppy disk drives एक प्रकार से universal standard हुआ करते थे file transfers के लिए computers के बीच. Compression utilities के होने से ये files को compress होने में मदद करते थे. चूँकि 3.5-inch floppy disk drives standardized हुआ करते थे, इसलिए data को आसानी से transferred किया जा सकता था वो भी efficiently और reliably. इनकी efficiency और बढती popularity के कारण ही, इस technology को incorporated किया गया Apple और UNIX-based systems में, जिससे दो अलग platforms के भीतर file transfers होना संभव हुआ.

Data Storage: Floppy disks का इस्तमाल data storage के हिसाब से और important information को back up करने के लिए होता था. उस समय यही सबसे बेहतरीन तरीका था data को retain करने का. ये medium को बहुत ही efficient माना गया क्यूंकि उस समय इसकी ही सबसे ज्यादा capacity थी जो की थी 1.44 MB, इसके साथ cross-platform compatibility का होना.

Software और Drivers: एक बहुत ही important applications था 3.5-inch floppy disks का, वो ये की programs और services का distributionम जिसमें software और driver updates मुख्य थे, उन्हें आसानी से Floppy Disk के जरिये किया जाता था. वैसे अभी ये तरीका का और इस्तमाल नहीं किया जाता है क्यूंकि अब Internet से आसानी से जरुरत ही चीज़ों को download किया जा सकता है.

Conclusion

क्या आप बता सकते है की अपने Floppy Disk kya hai कि जो पोस्ट पड़ी उस पोस्ट से आपको कितना सिक्ने को मिला और क्या आपके Doubt Clear हुए है और अगर इसका जवाब हम है तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्त के साथ शेयर कर सकते हो ताकि उसके Doubt भी इस पोस्ट के माध्यम से Clear हो सके

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Floppy Disk kya hai मेने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बता दिया है और उम्मीद करते है की आपको पोस्ट पसंद आयी होगी में ये भी उम्मीद करता हु की आप हमारी सभी पोस्ट को भी पढ़ते होंगे तो अगर आपको हमारे सभी पोस्ट अच्छी लगे है तो आप हमे Comment कर बता सकते है ताकि हम अपने Writing Skill में और Improvement कर सके.

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