आज हम बात करने वाले है के, Firewall क्या है – What is Firewall in Hindi? हम सभी मनुष्य अपने जिंदगी में कोई भी छोटा बड़ा काम करने के लिए एक चीज का ध्यान अपने मन में जरुर रखते हैं और वो है  firewall interview questions “सुरक्षा” यानीं की security. जैसे की अपने भविष्य के लिए लोग पहले से ही पैसे को बचा कर रखते हैं ताकि आगे चल कर जब उन्हें पैसे की जरुरत होगी तब किसी के सामने भी हाथ फ़ैलाने की जरुरत नहीं पड़ेगी. firewall configuration अपने बच्चो की सुरक्षा के लिए माँ बाप हर कदम पर उनके साथ रहते हैं. firewall ppt जो बड़े बड़े celebrities और मंत्री होते हैं उनकी सुरक्षा के लिए bodyguards रखे जाते हैं. firewall authentication हर देश में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए “कानून” बनाया गया है. सरहद पर हर रोज़ हमारे देश के वीर जवान हम सबकी सुरक्षा के लिए अपनी जान दे देते हैं.

हम सभी मनुष्य का जीवन किसी ना किसी तरह से एक सुरक्षा के घेरे में है, जिसके वजह से हम चैन की सांस ले रहे हैं. ठीक उसी तरह Computer को भी एक सुरक्षा की जरुरत होती है ताकि उसे virus और malware से बचा कर रखा जा सके और Computer में रखे गए सभी data किसी दुसरे अनजान व्यक्ति के हाथ ना लग सके. उस सुरक्षा का नाम है “Firewall”. जो लोग Computer और Internet का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उन्होंने firewall का नाम जरुर सुना होगा. Firewall क्या है? ये क्यूँ जरुरी है? इसके बारे में आज मै आपको बताने वाल हूँ.

Firewall क्या होता है – What is Firewall in Hindi

firewall kya hai- What is firewall in hindiFirewall Computer को सुरक्षित रखने के लिए एक व्यवस्था है जो सभी तरह के Computers और उसके networks को घुसपेठियों, hackers और malware से बचा कर रखता है. Firewall हमारे Computer को आक्रामक software से बचाती है जो चुपके से हमारे Computers के अन्दर आ जाती है और सभी personal details उस software को भेजने वाले hackers के पास पहुंचा देती है जो इसका बहुत गलत फायेदा उठाता है.

Firewall एक तरह का सुरक्षा योजना है जो या तो एक software programs के रूप में रहता है या फिर एक hardware device के रूप में तो जब भी हमारा Computer internet से जुड़ता है तब यही firewall हमारे Computer की तरफ आ रही traffic को अन्दर आने से रोकता है. उदहारण के तौर पर मै आपको बताऊँ तो ये है की जब कभी भी हम Computer में internet का इस्तेमाल कर किसी website में जाते हैं, या कुछ videos देखते हैं और साथ ही साथ उन्हें download भी करते हैं या फिर इन सबके अलावा Internet पर कुछ भी काम कर रहे होते हैं.

तो ऐसे में जो भी traffic हमारे Computer की तरफ आ रहा होता है उसको firewall रोकता है, वो हमारे Computer के network में चारो तरह एक दिवार खड़ा कर देता है ताकि Computer में कोई unwanted software अन्दर आ कर अपने आप install ना हो जाये या कोई unwanted files Computer में ना आ जाये जिसके वजह से Computer पर virus का attack हो जाये और वो सारा data delete कर दे.

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Firewall सिर्फ उन्ही चीजों को अनदर आन के लिए जगह देता है जिसको हम यानि users आने के लिए इजाजत देते हैं इसके अलावा कोई भी malware या virus को अन्दर आने की इजाजत नहीं होती. ठीक उसी तरह अगर हमारे Computer में पेहले से virus मौजूद है और एक कमरे में बहुत सारे Computers एक साथ एक network में जुड़े हुए हैं तब भी firewall एक Computer के virus को दुसरे Computers तक जाने में रोकता है. इसका मतलब है की Firewall दोनों तरफ से सुरक्षा का काम करता है.

Firewall कितने प्रकार के होते हैं – Types of Firewall in Hindi?

Firewall दो प्रकार के होते हैं एक है Software Firewall और दूसरा है Hardware Firewall .

1# Hardware Firewall

Hardware Firewall आज कल सभी Routers में पहले से ही मौजूद रहते हैं जिसका काम होता है एक computer से दुसरे Computer में virus को जाने से रोकना. जैसे मान लीजिये एक कमरे में 10 Computers एक ही network से जुड़े हैं और वहां पर जिस router या modem का इस्तेमाल किया जा रहा है उसमे Firewall को enable कर दिया गया है, तो जितने भी Computers उस router के साथ जुड़े हुए हैं उन सभी में अपने आप firewall काम करना शुरू कर देता है.

जब भी computers के जरिये internet पर कुछ भी काम किया जाता है तो वहां पर firewall Computers को virus और malware से सुरक्षित रखता है. Computer से निकला हुआ हर एक request एक data packet के form में निकलता है और उसके साथ network का ID भी जुड़ा हुआ रहता है तो जब भी server से उस request का reply आता है तो वोही network ID उस packet के साथ जुड़ कर आता है जिससे की firewall को ये पता चल जाता है की वो data सही है. इसके अलावा कोई भी दूसरा packet अगर उस packet के साथ अन्दर घुसने की कोशिश करता है तो firewall उसे बाहार ही रोक देता है.

दूसरा काम firewall का ये है की अगर एक Computer में कहीं से भी virus आ जाता है तो वो virus उस Computer से निकल कर दुसरे Computer तक ना पहुँच सके इसका भी ख्याल firewall अच्छे से रखता है.

2# Software Firewall

नए generations के Windows Operating System में जैसे Windows 7, 8, 10, Vista, XP इत्यादि में Firewall पहले से ही inbuilt हो कर रहता हैं और वो by default “on” रहता है ताकि Computer पूरी तरह से सुरक्षित रह सके. आप चाहे तो Computers में इसकी settings को देख कर अपने जरुरत के हिसाब से बदल भी सकते हैं. इसके अलावा बहुत सारे antivirus भी internet में मौजूद हैं जैसे Avast, McAfee, Norton, QuickHeal इस्त्यादी इन सभी में भी firewall का काम एक ही है. जब भी हम अपने computers में नए software या games को install करते हैं तो एक popup box हमारे computer में दीखता है जिसमे firewall user से permission मांगता है की क्या आपको इस program को अपने computer में install करना है क्यूंकि

3# Proxy firewall

प्रॉक्सी Firewall दूसरी Firewall के मुकाबले बहुत ज्यादा सुरक्षित होती है .लेकिन स्पीड और काम करने के मामले में यह फायरवाल थोड़ा सा धीरे काम करता है. और यह सभी नेटवर्क प्रोटोकॉल के साथ में compatible भी नहीं होता है. प्रोटोकॉल को फायरवाल से पास होने के लिए हर एक प्रोटोकॉल और नेटवर्क के लिए एक नया proxy agent बनाना पड़ता है. Internal protected network की टोपोलॉजी को प्रॉक्सी फायरवाल की मदद से छुपा लिया जाता है.क्योंकि proxy services दुनिया के बाहरी IP एड्रेस को कंप्यूटर से सीधा कम्युनिकेट नहीं कर सकते. जिससे हमारा कंप्यूटर एक्सटर्नल नेटवर्क से आने वाले डाटा से प्रभावित नहीं होता और ज्यादा सुरक्षित रहता है.

Firewall के क्या क्या फायदे है

जैसा की मैंने बताया Firewall एक एंटीवायरस होता है जो आपके कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है , लेकिन ये जरूर नहीं कि ये सिर्फ आपके कंप्यूटर को इंटरनेट से सुरक्षित रखेगा.

  1. अगर आपका कंप्यूटर किसी दूसरे कंप्यूटर से नेटवर्किंग के द्वारा जुड़ा हुआ है और एप्प फाइल शेयर कर रहे है तो उस टाइम भी Firewall आपके कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से आने वाले वायरस से बचाएगा
  2. Firewall सिर्फ आपके कंप्यूटर को दूसरे से नहीं बचता बल्कि अगर आपके कंप्यूटर में वायरस है तो वो उसे भी दुसरे कंप्यूटर में जाने से रोकता है .
  3. अगर आप अपने कंप्यूटर को सुक्षित रखना चाहते है तो उसमें बढ़िया एंटीवायरस इंस्टाल करके रखे
  4. कंपनी का एंटीवायरस इनस्टॉल करके रखे अगर आप इंटरनेट ज्यादा इस्तेमाल करते है तो कोशिस करे ही प्रीमियम एंटीवायरस का इस्तेमाल करे जो आपको ज्यादा fearure देता है और आपके कंप्यूटर को safe रखता है

Advantages of Firewalls in Hindi

1) Traffic को Monitor करता हैं:

Firewall आपके Computer Network में प्रवेश कर रहे सभी Traffic पर नज़र रखता है। एक दो-तरफा Firewall Double Duty करता है और Network से बाहर जाने वाली Traffic पर भी नज़र रखता है।

Network पर Information Packet में भेजी जाती है। इन Packet को Firewall Check करता हैं और यह तय करता हैं, कि कहीं इसमें संभावित खतरनाक कुछ तो नहीं है।

2) Trojans को Block करता हैं:

Firewall Trojan Horse को Block करने में सहायता करता है। इन प्रकार के घुसपैठिए आपके Computer कि Files के साथ चिपक जाते हैं, और फिर जब आप वह File भेजते हैं, तो वे Destination पर और अधिक नुकसान करते हैं।

Trojan ष रूप से खतरनाक होते हैं क्योंकि वे चुपचाप Transmitt होते हैं। जब तक अजीब बातें आपके Computer पर नहीं हो जाती हैं तब तक आप उनकी उपस्थिति से अनजान होते हैं|

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Firewall उन्हें रोक सकता है, इससे पहले कि वे आपके Computer को Infect करें।

3) Hackers रोकता है:

Firewall होने से Hackers आपके Network से बाहर रहते है। Firewall Security के बिना, Hacker आपके Computer को आसानी से Hack कर सकता है या Virus फैला सकता हैं।

4) Unauthorized Remote Access से Secure करता है

आपके Computer पर होने वाली सबसे खराब चीजों में से एक है Unauthorized hacker द्वारा आपके Network या PC का Remote Access। Firewall इन सभी Unauthorized Remote Access को रोकता हैं।

History of Firewall in Hindi:

Firefighting और Fire की रोकथाम लिए किए जाने वाला शब्‍द Firewall को Computer Security ने उधार लिया हैं।

First Generation – Packet Filter:

Network Firewall के पहले Report किए गए प्रकार को Packet Filter कहा जाता है। Packet Filter Network Address और Packet के Post को यह निर्धारित करने के लिए चेक किया जाता हैं कि उन्हें अनुमति दि जानी चाहिए, या Drop या Reject कीया जाना चाहिए

Firewall Technology पर पहला Paper 1988 में प्रकाशित हुआ था, जब Digital Equipment Corporation (DEC) के इंजीनियरों ने Filter System को develop किया जिसे Packet Filter Firewall के रूप में जाना गया।

यह काफी Basic System थी जिसमें बाद में Technical Internet Security के Fetures को एड किए गए।

Packet Filter, Internet पर Computer के बीच Transfer हो रहे पैकेट को Inspect करके कार्य करते हैं। जब कोई Packet, Packet Filter के नियमों के सेट से मेल नहीं खाता, तो उस Packet Filter को या तो Drop किया जाता है या Packet को Reject किया जाता है।

इसके विपरीत, जब कोई Packet एक या अधिक Program Filter नियमों से मेल खाता है, तो इसे पास करने की अनुमति देता है।

Packet Filter को Define किए गए Elements में Packet Source और Destination Address, Protocol और Source और Destination के Port शामिल होते हैं।

Second Generation – Statefull Filter

सन 1989–1990 में एटी एंड टी बेल Laboraties के तीन सहयोगियों, डेव प्रेस्तो, जनार्दन शर्मा और क्षितिज निगम ने Firewall की दूसरी पीढ़ी Develop की, जिसे सर्किट-लेयर Gateway कहा जाता हैं।

दूसरी -पीढ़ी के Firewall अपनी पहली पीढ़ी के पूर्वजों कि तरह काम करते हैं लेकिन OSI Model की लेयर 4 (Transport Layer) तक काम करते हैं।

इसमें Packet को तब तक Retain किया जाता है, जब तक इसकी स्थिति के बारे में फैसला करने के लिए पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं हो जाती।

स्टेटफेट पैकेट Inspection के रूप में जाना जाता है, यह उसके माध्यम से गुजरने वाले सभी Connections को record करता है और निर्धारित करता है कि क्या कोई Packet किसी नए Connection की शुरुआत है, किसी मौजूदा Connection का एक हिस्सा है या किसी भी Connection का हिस्सा नहीं है।

हालांकि Static नियम अभी भी उपयोग किए जाते हैं, इन नियमों में अब Connection Test शामिल किया गया हैं।

Third Generation – Application Layer

मार्कस रानम, वी जू, और पीटर चर्चियर्ड ने Application Firewall को Develop किया, जिसे Firewall Toolkit (FWTK) के रूप में जाना गया।

जून 1994 में, वी जू ने IP Filter और Socket में वृद्धि कर FWTK को एक्‍सटेंड दिया। इसे पहले Transparent Application Firewall के Gauntlet firewall के Commercial Product के रूप में Release किया गया। 1995-1998 के दौरान Gauntlet firewall सबसे Top के Firewall में से था।

Application Layer के Filtering का प्रमुख लाभ यह था कि यह कुछ Application और Protocol (जैसे कि File Transfer Protocol (FTP), Domain Name System (DNS), या Hypertext Transfer Protocol (HTTP)) को “समझ” सकता था।

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यह बहुत उपयोगी है क्योंकि यह पता लगा सकता है कि अगर कोई अनचाहा Application या Service किसी अनुमति वाले Port पर Protocol का उपयोग करके Firewall को Bypass करने का प्रयास कर रही है, या यह पता लगा सकता है कि किसी भी हानिकारक तरीके से Protocol का दुरुपयोग किया जा रहा है या नहीं।

Conclusion

इस पोस्ट के माध्यम से Firewall क्या है – What is Firewall in Hindi? आपको बता दिया है और उम्मीद करते है की आपको पोस्ट पसंद आयी होगी में ये भी उम्मीद करता हु की आप हमारी सभी पोस्ट को भी पढ़ते होंगे तो अगर आपको हमारे सभी पोस्ट अच्छी लगे है तो आप हमे Comment कर बता सकते है ताकि हम अपने Writing Skill में और Improvement कर सके.

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