इन्टरनेट की दुनिया में एन्क्रिप्शन (Encryption) और डिक्रिप्शन (Decryption) शब्द बहोत ही ज्यादा पोपुलर है खास कर के हैकर और Hacking sikhne वालो में के बीच में ये शब्द का यूज़ हर बार किया जाता है इन्टरनेट एक ऐसा जाल है जहा पर पर कुछ भी सेफ नहीं है इसलिए इन्टरनेट में डाटा को सेफ रखने के लिए एन्क्रिप्शन यूज़ किया जाता जाता है अगर आप एन्क्रिप्शन का यूज़ नहीं करते है तो को भी आपका डाटा या हैक कर सकता है और उसका प्रयोग गलत कामो के लिए करता है बड़े बड़े कंपनी अपने डाटा को हमेशा एन्क्रिप्ट कर के रखे है ताकि उनका डाटा हैक न हो लेकिन क्या आपको पता है है की आखिर एन्क्रिप्शन (Encryption) और डिक्रिप्शन (Decryption) क्या hai.

अगर आपके डाटा बहोत ज्यादा सेंसिटिव (Sensitive) और इम्पोर्टेन्ट है और आप चाहते हो की डाटा हैक न हो इसका गलत प्रयोग न हो तो ऐसे में आप अपने डाटा को एन्क्रिप्ट (Encrypt) कर सकते है एन्क्रिप्ट करने के लिए ,बड़े बड़े कंपनी और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (Online Transaction) में एन्क्रिप्शन (Encryption) और डिक्रिप्शन (Decryption) का यूज़ किया जाता है ताकि डाटा लीक या फिर हैक न हो आइये जानत लेते है एन्क्रिप्शन और डीन्क्रिप्शन के बारे में.

Encryption क्या है


एन्क्रिप्ट या फिर एन्क्रिप्शन एक प्रोसेस में जिसमे आपके डाटा को एक ऐसे फॉर्म में कन्वर्ट (Convert) कर देता है जिसे पढना जा फिर समझना लगभग एक आम इंसान को मुस्किल हो जाता है यहाँ तक की हैकर को डाटा या फाइल को एन्क्रिप्ट करने के बाद उसे रीड (Read) करना या फिर एक्सेस करना बहोत ही मुस्किल हो जाता है जैसे ही आप डाटा पूरी तरह एन्क्रिप्ट(Encrypt) हो जाता है उसके बाद आपका डाटा सिक्योर (Secure) हो जाता है इसी प्रोसेस को हम Encryption kehte hai.

जैसे अपने देखा ऊपर इमेज में कैसे हम किसी को एक फाइल सेंड कर रहे है जो कि प्लेन टेक्स्ट में है और जब हम इसे सेंड कर रहे है तो इस फ़ाइल में एन्क्रिप्शन लग जाती है और इस एन्क्रिप्शन की हमे एक Authenticating key मिल जाती है और जब सेंड की गई फ़ाइल को Reciever Recieve करता है तो उसे भी इस key की जरुरत पड़ेगी और जब वो इस फ़ाइल में Key Enter करता है तो फाइल फिर से डेक्रिप्शन हो जाएगी और प्लेन टेक्स्ट दिखने लगेगा.

Decryption क्या है


डिक्रिप्शन एक ऐसे प्रोसेस है जिसमे एक अनरीडेबल (Unredable) टेक्स्ट या फिर कोड को ऐसे टेक्स्ट में कन्वर्ट करदिया जाता है जो की समझ में आये और कोई भी यूजर उसे पढ़ सकते उस डाटा को यूज़ कर सकते तो इसके लिए आपके पासवर्ड डिक्रिप्शन की(Key)या फिर पासवर्ड होना चाहिए तभी आप इस फाइल डिक्रिप्शन कर सकते हो और इसके बाद ही आप इस फाइल या डाटा को एक्सेस कर सकते हो.


Encryption के फायदे

  • एन्क्रिप्शन से आपका डाटा पूरी तरह सिक्योर(Secure) और सेफ (Safe) हो जाता है काफी हद तक
  • डाटा एन्क्रिप्ट करने के बाद हैक या चोरी हो जाये तो भी कोई आपके डाटा को एक्सेस या पढ़ नहीं सकता
  • एन्क्रिप्शन के यूज़ से आपका डाटा सिर्फ वाही एक्सेस कर सकता है जिसको आप एक्सेस करने देना चाहते है उसके लिए की या पासवर्ड की जरुरत होगी



Encryption के नुकसान

  • एन्क्रिप्शन का सबसे बड़ा नुकशान ये है की आप इस फाइल को तब तक एक्सेस नहीं कर सकते जब तक आपके पास की या पासवर्ड न हो अगर आप की या पासवर्ड भूल जाते है तो ऐसे में फाइल को एक्सेस करना लगभग नामुमकिन सा हो जाता है



Types of Encryption


  • Asymmetric encryption or public key
    • इसमें जो एन्क्रिप्शन के जो बनाया जाता है वो पब्लिक के लिए होता है जिससे कोई भी व्यक्ति इनफार्मेशन को एनकोड (एन्क्रिप्ट) करने के लिए कर सकता है.
  • Symmetric encryption or private key
    • इस टाइप के एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्शन और डेक्रिप्शन कीस एक ही होता है. इसमें जिन पार्टीज के बीच कम्युनिकेशन होता है वहां पर दोनों के पास एक ही कीय रहता है जिससे वो सुरक्षित कम्युनिकेशन कर पाते है.




I hope आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी और काफी Helpful भी होगी इस Article में मैंने आपको बताया की Encryption और Decryption क्या hai.

Thank You






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