Cloud Computing kya hai हेलो दोस्तों TechnicalHariJi में आपका एक बार फिर से स्वागत है दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले Cloud Computing के बारे में और जानेंगेकी Cloud Computing kya hai और कैसे काम करता है और इससे पहली पोस्ट में हमने बात की थी OTP kya hai के बारे में और उम्मीद करते है आपको हमारी सभी पोस्ट पसंद आ रही होंगी

Cloud Computing kya hai (What is Cloud Computing in Hindi)? ये शब्द शायद आपने बहुत बार सुना भी होगा पर क्या आपको पता है की ये आखिर ये Cloud Computing क्या है क्यूँ ये आजकल इतना ज्यादा सुनने को मिल रह है. जैसे की हम जानते हैं की Computer network technologies पिछले कुछ 20 वर्षों में काफी तरक्की कर चुकी है. जबसे Internet (सबसे ज्यादा popular computer network) ने अपना अस्तित्व जाहिर की है तब से Computer network के field में बहुत advancement हुई है और खासकर Distributed Computing और Cloud Computing जैसे technologies के field में काफी research हुई है.

ये technical terms Distributed Computing और Cloud Computing दोनों का concept प्राय सामान ही हैं बस दोनों में कुछ असमानतायें हैं. तो अगर आपको Cloud Computing के बारे में समझना है तो आपको Distributed Computing की भी समझ होना आवश्यक है. Global Industry Analyst का बताना है की ये global cloud computing service market 2020 तक $327 billion तक की business बन जाएगी. करीब करीब सभी companies आज के दोर में Cloud Computing service का इस्तमाल कर रही हैं वो directly हो या indirectly.

Cloud Computing

Cloud kya hai? – What is Cloud in Hindi

cloud computing kya haiCloud की बात करें तो ये एक बड़ी interconnected networks of servers की design है जिसे की computer resourses को deliver करने के लिए बनाया गया है. और इसमें कोई सठिक location का concept ही नहीं है की data कहाँ से आ रहा है और कहाँ जा रहा है. अगर में आसान भाषा में कहूँ तो अगर एक user इसे इस्तमाल करे तो उसे लगेगा की वो एक विशाल निराकार computing power का इस्तमाल कर रहा है जिसमे की user अपनी email से लेकर mobile application की मैपिंग तक सभी चीज़ें अपने जरुरत के हिसाब से कर सकता है.

Business की भाषा में ऐसा कोई “The Cloud” बोलकर कुछ नहीं होता है. Clould Computing एक licenced service की collection है जो की अलग अलग vendors के द्वारा provide किया जाता है. Cloud Service technology management और technology acquisition के जगह उन्हें different products से replace कर देता है और ये products को किसी दूसरी जगह से manage किया जाता है और एक बात ये केवल तभी active रहती हैं जब इसकी जरुरत रहती है.

Cloud Computing kya hai? – What is Cloud Computing in Hindi



यदि कोई Internet के माध्यम से कोई service प्रदान करता है तो उसे Cloud Computing कहते हैं. ये service कुछ भी हो सकती है जैसे की Off Site Storage या computing resources. या यूँ कहे तो Cloud Computing एक computing की ऐसी style है जिससे की massively scalable और flexible IT-related capabilities को service के रूप में प्रदान किया जाता है Internet Technologies के मदद से. इन services में infrastructure, platform, application और storage space जैसी सुविधायें उपलब्ध हैं. इसमें users अपने जरुरत के हिसाब से servies का इस्तमाल करते हैं और उन्ही services के पैसे देते हैं जिनकी वो इस्तमाल करते हैं. इसके लिए उन्हें खुद के infrastructure बनाने के जरुरत नहीं है.

आजकल दुनिया में competition बहुत है और ऐसे में लोगों को Internet पर service हर वक़्त चाहिए वो भी बिना किसी देरी के. अगर कोई application कभी freeze हो जाये तो लोगों में बहु असंतोष दिखाई देता है. लोगों को उनकी जरुरत की service 24/7 चाहिए. इन्ही requirement को पूरा करने के लिए हम पुराने mainframe computing के ऊपर जोर नहीं डाल सकते उसिलिये इसी समस्या को हल करने के लिए Clould distributed computing technology का इस्तमाल लोगों ने किया. जिससे की बड़े business अपने सारे काम बड़ी आसानी से करने लग गए.

उदहारण के तोर पे Facebook जिसके की 757 million active users हैं और जो करीब 2 million photos daily देखते हैं, 3 billion के करीब Photos हर महीने में upload किये जाते हैं, 1 million websites facebook का इस्तमाल कर 50 million operations प्रति second करती हैं. ऐसे में traditional computing system इन समस्याओं का हल नहीं निकल सकती बल्कि हमें कुछ बेहतर की जरुरत है जो यह काम कर सके. इसलिए ऐसे Computing को करने के लिए Cloud Distibuted Computing ही इस समय की जरुरत है.

Cloud Computing के कुछ उदहारण – Cloud Computing Examples in Hindi

  • YouTube एक बेहतरीन उदहारण है Cloud storage का जो की करोडों users के video files को Host करता है.
  • Picasa and Flickr जो की करोडों users के digital photographs को host करती हैं अपने server में.
  • Google Docs जो की और एक बेहतरीन उदहारण है cloud computing का जो की users को अपने Presentations, word documents और Spreadsheets को अपने data servers में upload करने को allow करता है. इसके साथ उन documents को edit और publish करने का भी option देता है.

Cloud Computing के प्रकार – Types of Cloud Computing in Hindi



Cloud computing को मुख्यत तीन हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है जो की हैं: IaaS, PaaS, and SaaS.

1) Infrastructure as a service (IaaS)

ये service self-service models के होते हैं जिससे की monitoring, accessing और infrastructure को manage करने के लिए इस्तमाल किया जाता है किसी remote location से.

Examples – Servers, Firewalls, Routers, CDN

2) Platform as a service (PaaS)

यह Centralized IT operations से computing infrastructure को प्रबंधित करने के लिए software developers की एक self-service module की पंक्ति प्रदान करता है ।

Examples – Email services: Gmail, Outlook.com

3) Software as a service (SaaS)

SaaS वेब को access करता है वो application को deliver करने के लिए जो की third-party vendors के द्वारा manage किया जाता है और जिसकी user interface केवल client के और से access किया जा सकता है.

Application Building: Google App Engine, SAP Hana, Cloud Foundry

Cloud Computing काम कैसे करता है



Physical Server पर Information और Software Store के द्वारा Cloud Computing काम करता है| यह Server Providor द्वारा Control किए जाते हैं|

Cloud Computing कैसे काम करता है यह समझने के लिए, कल्‍पना करे कि Cloud मे दो लेयर हैं – Back end layerऔर Front end  layer| फ्रंट एन्ड लेयर वह होता हैं जिसे आप देख सकते हैं और उसके साथ इंटरैक्ट करते हैं|

जब आप Webmail जैसे Gmail Access करते हैं, तो वह Cloud के फ्रंट एन्ड लेयर पर रन हो रहे Software की वजह से संभव होता हैं| यह आपके Facebook Account के लिए भी लागू हैं| बैक एन्ड मे Hardware और Software का Architecture होता हैं फ्रंट एन्ड को देखने के लिए मदद करते हैं|

Cloud Computing Use कैसे करे?



आप कैसे अपने Photo, Videos, Document को Cloud पर Save कर सकते है, इसके लिए नीचे दी गई Steps को Follow करे|

Step1: Cloud Storage को Use करने के लिए आपको एक Gmail Id की जरूरत होती है जैसे की Gmail या Google Account अगर आपका Gmail Account नहीं है तो पहले आप अपना Gmail Account बना ले|

Step2: अगर आपका Gmail Account पहले से बना है तो आप अपने Gmail Account में Login करे|

Step3: Login करने के बाद आप Drive App को Open करे और + के Option पर Click करे|

Step4: अब आपके सामने कुछ Option आएँगे, इसमें से आपको Upload Option पर Click करना है|

Step5: अब अपनी Gallery से कोई भी Video, Photo, Document Select करे और उसे Drive Upload कर सकते है, Drive पर Upload किसी भी Information को कही से भी Gmail Account Login करके Download कर सकते है|

Cloud Computing के Characteristics और Benefits



देखा जाये तो Cloud Computing की ऐसे बहुत से आकर्षक benefits हैं जो की businesses और लोगों के बहुत काम आने वाले हैं. ऐसे 5 मुख्य benefits जो की cloud computing के हैं :

  • Self-service provisioning : End users अपने जरुरत के हिसाब से कोई भी काम कर सकते हैं जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरुरत हो. इससे traditional जरुरत जो की हैं IT administrators, जो पहले आपके compute resourses को manage और provision करते थे उनकी और जरुरत नहीं है.
  • Elasticity : Companies अपने जरुरत की computing के हिसाब से उसे बढ़ा और कमा भी सकते हैं. इससे ये फ़ायदा है की पहले जैसे local infrastructure के ऊपर काफी investment लगता था वो अब बिलकुल ही बंद हो गया, इससे companies को बहुत फ़ायदा होता है.
  • Pay per use : Compute resources को granular level में measure किया जाता है. जिससे की users को सिर्फ उन्ही resources और workloads के पैसे देने होते है जिनकी वो इस्तमाल करते हैं.
  • Workload resilience : Cloud Service provider अक्सर redundant resources का इस्तमाल करते हैं ताकि वो resilient storage प्राप्त कर सकें और इसके साथ वो users के important काम को चालू रख सकें जो की multi global regions में मेह्जुद हैं.
  • Migration Flexibility : Organization अपने जरूरत के हिसाब से कुछ workload को एक clould platform से दुसरे में transfer कर सकते हैं वो भी बिना किसी तकलीफ के और automatically जिससे पैसों की भी बचत होती है.

Cloud Computing vs. Distributed Computing

1) Goals

अगर में Distributed Computing की बात करूँ तो ये collaborative resource sharing provide करता है दुसरे users और resources के साथ connect होकर. Distributed Computing हमेशा चेष्टा करता है की वो administrative scalability (number of the domain in registration), size scalability (number of processes and users), और geographical scalability (maximum distance between the nodes in the distributed system) provide कर सके.

वहीँ Cloud Computing की बात करूँ तो ये on-demand environment में service deliver करने में विस्वास रखता है जिससे की targeted goal achieve हो सके. इसके साथ ये ज्यादा scalability and transparency, security, monitoring, and management provide करने में भी विस्वास रखता है. Cloud Computing में services transparency के साथ deliver किया जाता है बिना physical implementation के Cloud में.

2) Types

Distributed Computing को तीन प्रकारों में विभाजित किया गया है

Distributed Information Systems

इन systems का मुख्य उद्देश्य है की ये information distribute करें विभिन्न server के across various communication models जैसे की RMI और RPC के द्वारा.

Distributed Pervasive Systems

ये Systems मुख्यतः embedded computer device जैसे की portable ECG monitors, wireless camera, PDA’s और mobile devices से बने होते हैं. इन systems को identify उनके instability किसी traditional distributed systems के compare में किया जा सकता है.’

Distributed Computing Systems

इन प्रकार के systems में computers जो की network में connected हुए होते हैं आपस में बातचीत message के द्वारा होते हैं अपने action को track करने के लिए.

Cloud Computing को चार प्रकार में विभाजित किया गया है

1. Private Cloud

ये एक ऐसा cloud infrastructure है जो की dedicatedly किसी एक particular IT organization के सारे application को host करता है जिससे की इसका complete control data के ऊपर होता है जिससे की security breach होने की आशंका नहीं के बराबर होती है.

2. Public Cloud

इस प्रकार के cloud infrastructure को दुसरे Service provider host करते हैं और जिन्हें बाद में public कर दिया जाता है. ऐसे cloud में users का कुछ भी control नहीं होता है और न ही वो infrastructure को देख सकते हैं. उदहारण के तोर पे Google और Microsoft दोनों खुद ही अपना cloud infrastructure own करते हैं और बाद में access public को दे देते हैं.

3. Community Cloud

ये एल multi-tenant cloud infrastructure होता है जिसमे की cloud को दुसरे IT organizations के बिच share किया जाता है.

4. Hybrid Cloud

ये Combination होती हैं 2 या ज्यादा विभिन्न प्रकार के clouds (Private, Public and Community) तभी जाकर कहीं Hybrid cloud infrastructure बनता है जहाँ हरेक cloud एक single entity बनकर रहता है लेकिन सभी clouds combine होकर multiple deployment models तैयार करते हैं जो की फायेदे मंद हैं.

Cloud Computing के Advantages

1) Worldwide Access:

क्‍लाउड सर्वीस जैसे गूगल ड्राइव पर फ़ाइलों को स्‍टोर करके आप हमेशा इन फ़ाइलो को एक्‍सेस कर सकते हैं (इसके लिए इंटरनेट की आवश्यक हैं) और इस बात से काई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कहाँ हो|

आप दुनिया भर कही भी रहे, इसका उपयोग कर सकते हैं। क्लाउड कम्प्यूटिंग, गतिशीलता बढ़ता है, क्‍योकि अब आप दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी डिवाइस से अपने डॉक्युमेंट्स को एक्‍सेस कर सकते हैं।

बिज़नेस के लिए यह तो और भी फायदेमंद हैं, एम्प्लॉई बिना डॉक्युमेंट्स को अपने साथ ले जाए, अपने घर पर या बिज़नेस ट्रिप पर भी अपना काम कर सकते हैं| यह प्रोडक्टिविटी बढ़ता है और इनफॉर्मेशन को तेजी से आदान-प्रदान करता हैं|

2) More Storage:

अतीत में, मेमोरी किसी विशेष डिवाइस पर हमेशा सीमित रहती थी। क्लाउड कंप्यूटिंग से स्‍टोरेज मे वृद्धि हुई हैं, लिहाजा आपको अब हार्ड ड्राइव पर स्‍टोरज ख़तम हो जाने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी।

3) Easy Set-Up:

आप एक मिनट के क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस सेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी व्यक्तिगत सेटिंग्स का समायोजन, पासवर्ड सिलेक्‍ट करना या नेटवर्क पर कौनसा डिवाइस कनेक्‍ट करना हैं यह सिलेक्‍ट करना बहुत आसान हैं|

4) Reduced Cost:

क्लाउड कंप्यूटिंग अक्सर सस्ती होती है। सॉफ्टवेयर पहले से ही ऑनलाइन इनस्‍टॉल किया गया है, तो आपको इसे अपने अपने पीसी पर फिर से इनस्‍टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। कई क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे की ड्रॉपबॉक्स, गूगल ड्राइव तो फ्री में 10 से 15GB तक स्‍पेस स्‍टोर करने के लिए देते हैं|

अगर आप क्लाउड सर्वीस के लिए भुगतान करते हैं तो वह मासिक या वार्षिक आधार पर होता हैं| इसमे, आप केवल उन सेवाओं के लिए भुगतान करते हैं, जिनकी आपको जरूरत है।

Cloud Computing के Disadvantages

1) Security:

जब एक क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस का उपयोग करते समय, आप अनिवार्य रूप से अपने डेटा को थर्ड पार्टी को सौंप रहे हैं। तथ्य यह है कि, इन सर्वर को दुनिया में कई यूजर्स एक साथ एक्‍सेस कर रहे है, तो सुरक्षा का मुददा तो आता ही हैं|

कंपनी के पास तो गोपनीय जानकारी होती हैं, और वे हमेशा विशेष रूप से चिंतित हो सकते है, क्‍योंकि इनका डेटा को संभवतः वायरस और अन्य मैलवेयर द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है। हालांकि कुछ सर्वर स्पैम फ़िल्टर, ईमेल एन्क्रिप्शन, और सुरक्षित HTTPS का उपयोग कर रहे हैं|

2) Privacy:

क्लाउड कंप्यूटिंग इस जोखिम के साथ आता है कि अनाधिकृत यूजर आपकी जानकारी को एक्‍सेस कर सकता है। यह होने से रोकने के लिए, क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस पासवर्ड सुरक्षा प्रदान करते हैं और डेटा एन्क्रिप्शन टेक्‍नोलॉजी के साथ सुरक्षित सर्वर पर कार्य करते हैं।

3) Loss of Control:

क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस यूजर को कंट्रोल करती हैं। यह न केवल आप इस सेवा का उपयोग करने के लिए कितना भुगतान करगे यह तय करते हैं, लेकिन इसके साथ इसमे आप कौनसी इनफॉर्मेशन स्‍टोर कर सकते हैं और कहां से आप इसे एक्‍सेस कर सकते हैं यह भी तय करते हैं|

4) Internet:

जबकि इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी यह हर जगह उपलब्ध नही है। अगर आप ऐसे लोकेशन में है, जहाँ इंटरनेट का एक्‍सेस नहीं है, तो आप क्‍लाउड सर्वीस को उपयोग नही कर सकते| Cloud Computing Hindi.

Cloud computing का इतिहास –  History of Cloud Computing in Hindi



अगर हम Cloud computing की बात करें तो इसका जन्म करीब सन 1960 के दसकों में हुआ था. जब computer industry ने computing को उसके potential benefits के आधार पर एक service आय utility के हिसाब से ग्रहण किया था. लेकिन पहले के computing, connectivity और banwidth दोनों में lack थी जिसके चलते computing को एक utility के हिसाब से impliment कर पाना संभव नहीं था. ये तब तक मुमकिन नहीं था जब तक की एक बड़े पैमाने में Internet bandwidth की availability न हो गयी सन 1990 तक. जिसके बाद हो computing को एक service के रूप सोच पाना मुमकिन हुआ.

सन 1990 में Salesforce पहली बार commercially enterprise SaaS का सफलतापूर्वक implementation किया. जिसके बाद सन 2002 में AWS ने किया, जो की बहुत से services जैसे online storage, machine learning, computation provide करवाती थी. आज Microsoft Azure, Google Cloud Platform जैसे कई छोटे बड़े providers मेह्जुद हैं जो की AWS के साथ मिलकर cloud-based service दुसरे individuals, small business और global enterprise को provide कर रहे हैं.

Conclusion

Cloud Computing kya hai मेने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बता दिया है और उम्मीद करते है की आपको पोस्ट पसंद आयी होगी में ये भी उम्मीद करता हु की आप हमारी सभी पोस्ट को भी पढ़ते होंगे तो अगर आपको हमारे सभी पोस्ट अच्छी लगे है तो आप हमे Comment कर बता सकते है ताकि हम अपने Writing Skill में और Improvement कर सके.

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